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'Samudra Tal Se' By Naveen Nautiyal

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₹ 150

Also Available On

Title Samudra Tal Se
Author Naveen Nautiyal
Categories Biography
Language Hindi
Edition 1
ISBN 9789381659311
Price ₹ 150

Description

'Samudra Tal se 1200'  meter book is journey of thousands of children who were chosen to be part of Navodaya Vidyalayas. 

The book takes you through the stories of children who left their home at an early age, stayed away from their parents and loved ones, learnt to grow and achieve dreams on their own.

User Reviews

9 Reviews
Nikhil Mhaske
5
Great piece of work from author Naveen Nautiyal. The style of narration is amazing and fresh. The story line and plot is very simple but the best part is you connect with the story line so easily. Great Job Naveen.
Amit Pathak
5
Amazing book. This book is a must read for every hosteller. Navodaya life is in the centre of the plot. The author is successful in playing with the emotions of the readers. KUDOS to the author.
Prateek Kumar Pathak
5
समुद्र तल से 1200 मीटर: पहाड़ों की सड़कों के किनारे लगे इस साइन बोर्ड की, वेद, और उसके कई दोस्तों के जीवन मे पहले कोई अहमियत नहीं थी, फिर यह बोर्ड एक जेल का एहसास कराने वाला जरिया बना। लेकिन यही बोर्ड अंत में यादों की एक ऐसी मुहर बन गई जो या तो एक मुस्कान दे जाती है या फिर एक छोटा सा आंसू बहा जाती है। लेखक का कमाल है कि इस पुस्तक ने मुझे महसूस कराया कि सड़कों के किनारे लगे साइन बोर्ड भी किसी के जीवन मे अहमियत रखते होंगे। और ये भी बताया कि हर स्कूल के बच्चे एक से ही होते हैं। मैं नवोदय स्कूल मे नही पढ़ा लेकिन इस पुस्तक की वजह से मैं वेद का जीवन इस पुस्तक को पढ़ते हुए जी गया। वेद के सारे भावों को महसूस कर पाया क्योंकि मैं भी किसी स्कूल का विद्यार्थी हुआ करता था। यह पुस्तक बचपन की मासूमियत को संजो कर रखती है और बचपन की दोस्ती कितनी गहरी होती है यह आसानी से बता जाती है। वेद के शिक्षक भी मेरे शिक्षकों की तरह ही निकले और सीनियर भी मेरे सीनियर की तरह ही थे। पुस्तक पढ़ते हुए बड़ा अजीब लगा कि ये कहानी तो मेरी जैसी ही लग रही है लेकिन फिर समझ आया कि ये हर बच्चे की कहानी है जो स्कूल गया है या जा रहा है। इसीलिए ये पुस्तक मुझे अपने बचपन से जोड़ पायी। बचपन से सुंदर कुछ नहीं और इसीलिए ये कहानी सबसे सुंदर है। नवीन को मेरा धन्यवाद है क्योंकि उनकी वजह से मैं अपने स्कूल के कुछ सुंदर पल वापस अपने मन मे देख पाया।

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Product Details

SKU SPP025
Pages 191
Publish Date 15 Apr 2018
Weight 200Grams
Height 8.50Inches
Width 5.50Inches
Short Description Story of a student from Navoday Vidyalay